kajal
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#राम_रंग_होरी_हो तकरीबन सभी नकली संत तथा उनके शिष्य रंगों से होली मनाते हैं, नाचते गाते हैं जो शास्त्र विरुद्ध साधना करते और करवाते हैं। जबकि आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज अपनी अमृतमय वाणी में वास्तविक होली की महिमा करते हुए बताते है, ध्रु प्रहलाद जहां खेलहीं रंग होरी हो, नारद का उपदेश राम रंग होरी हो | हाथ पिचकारी प्रेम की रंग होरी हो, खेलत हैं हमेश राम रंग होरी हो || #आध्यात्मिक ज्ञान