Sukhbir Das
628 views
1 days ago
#GodMorningSaturday बंधे को बंधा मिला, छूटै कौन उपाय। कर सेवा निरबंध की, पल में लेत छुड़ाय|| कबीर साहेब जी कहते हैं कि जो पहले ही स्वयं बंधन (माया-मोह) में पड़ा हुआ हो, उसे दूसरा बंधा हुआ (अज्ञानी) मिल गया, तो वह किस उपाय से छूट सकता है? अतः बंधन से मुक्त ज्ञानवान सतगुरु की सेवा करनी चाहिए जो तत्वज्ञान से काल के बंधन से छुड़ा सकते हैं। #jagatguru santrampal ji mahraj