'जन्म से लेकर मृत्यु तक' या 'जन्म से पूर्व व मृत्यु के बाद तक' अथवा 'गर्भधारण से लेकर अंतिम संस्कार तक' साक्षात् गौवंश और प्रदत्त गौगव्य से षोडश संस्कार व पितृ तर्पण अनुष्ठान पूर्ण होता है और प्राणान्त वैतरणी नदी पार करने में गाय की आवश्यकता होती है।
#गौमहिमा