🙏 आज का अमृत वचन – संत कबीर दास जी
“बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।
जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय॥”
— कबीर दास
🌼 अर्थ:
जब मैं दुनिया में बुराई ढूँढने निकला, तो कोई बुरा नहीं मिला।
लेकिन जब मैंने अपने दिल में झाँककर देखा, तो पाया कि सबसे बड़ी कमी तो मुझमें ही है।
✨ संदेश:
दूसरों की गलती देखने से पहले खुद को सुधारें।
आत्मचिंतन (Self-Reflection) से ही सच्चा सुधार शुरू होता है।
अहंकार छोड़कर विनम्रता अपनाएँ।
अगर आप चाहें तो मैं रोज़ आपको कबीर साहेब का अमृत वचन भेज सकता हूँ। 🙏 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🔊सुन्दर कांड🕉️