Prabhudas Gavit Navapadakar
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यशायाह 30:6-7 HINOVBSI [6] दक्खिन देश के पशुओं के विषय भारी वचन। वे अपनी धन सम्पत्ति को जवान गदहों की पीठ पर, और अपने खजानों को ऊँटों के कूबड़ों पर लादे हुए, संकट और सकेती के देश में होकर, जहाँ सिंह और सिंहनी, नाग और उड़नेवाले तेज विषधर सर्प रहते हैं, उन लोगों के पास जा रहे हैं जिनसे उनको लाभ न होगा। [7] क्योंकि मिस्र की सहायता व्यर्थ और निकम्मी है, इस कारण मैं ने उसको ‘बैठी रहनेवाली रहब’ कहा है। https://bible.com/bible/1683/isa.30.6-7.HINOVBSI #पवित्र बाइबल #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #😇मन शांत करने के उपाय #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🌸 सत्य वचन