Aakhiri message
रात के 12:07 बजे थे।
फोन की स्क्रीन जली।
“अगर आज जवाब नहीं दिया… तो फिर कभी नहीं दूँगा।”
अनन्या ने मैसेज पढ़कर फोन साइलेंट पर रख दिया।
दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था, लेकिन अहंकार ज़्यादा भारी था।
तीन साल का रिश्ता था।
छोटी-छोटी बातों पर लड़ते रहे…
और अब “ईगो” बीच में आ गया।
सुबह आँख खुली तो 47 मिस्ड कॉल्स थीं।
आख़िरी मैसेज सिर्फ़ दो शब्दों का था—
“Take care.”
अनन्या मुस्कुरा दी।
सोचा— ड्रामा है, शाम तक खुद फोन करेगा।
लेकिन शाम नहीं आई।
#story रात आई…
फिर अगली सुबह…
फिर एक हफ्ता।
आज एक महीने बाद न्यूज़ में एक नाम दिखा—
आरव शर्मा – एक्सीडेंट में मृत्यु।