Shamsher bhalu Khan
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नहीं अफसोस के हुआ जमाना खाली हुआ मेरा आना तेरा जाना खाली। हुई खाली यह ज़मीं खुदा के नाम से हवा मुश्क परिंदे का चहचहाना खाली। गुरेज सफर से फकत दो कदम चलकर करना हमें एक दिन ये आशियाना खाली। दरयाफ्त कर जूनूं से फसाना इश्क़ का आह कहे देख उसका शरमाना खाली। पुर नूर बज्म तेल से बाती के जले नादां समझे चराग जलाना खाली। दो पल का अहसास मुझ फकी से सुन फानी हर शे से है दिल लगाना खाली। आया मैं और तू यहां कोई तो बात है जिगर बेवजह नहीं आना जाना खाली। #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #😇 चाणक्य नीति