rRitesh das0009
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फाही सुरत मलूकी वेस, उह ठगवाड़ा ठगी देस।। कबीर साहेब अपना वास्तविक अस्तित्व छुपा कर एक सेवक बन कर आते हैं। इसलिए नानक जी ने उसे प्यार में ठगवाड़ा कहा है। #santrampaljimaharaj #🙏🏻आध्यात्मिकता😇