#🌺 श्री गणेश
*|| ॐ विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय लम्बोदराय सकलाय जगद्धितायं |*
*नागाननाथ श्रुतियज्ञविभूषिताय गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते ||*
अर्थ:
*विघ्नहरन, वर देने वाले, देवताओं को प्रिय, लम्बोदर, संपूर्ण जगत् के हित करने वाले, गज के समान मुख वाले, वेद तथा यज्ञ से विभूषित, पार्वती के पुत्र, गणनाथ का वंदन है ||*
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