M P SINGH
551 views
*एक: पापानि कुरुते फलं भुङ्क्ते महाजन:।* *भोक्तारो विप्रमुच्यन्ते कर्ता दोषेण लिप्यते।।* मनुष्य अकेला पाप करता है और बहुत से लोग उसका आनंद उठाते हैं,आनंद उठाने वाले तो बच जाते हैं पर पाप करने वाला दोष का भागी होता है। 🪷🪷 *जय श्रीकृष्ण* 🪷🪷 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️