AMAR PARASTE REAL HINDUSTANI
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🌃🌠🌙🌙🌠🌃 यूँ जमीन पर बैठकर क्यों आसमान देखता है पंखों को खोल, जमाना सिर्फ उड़ान देखता है लहरों की तो फितरत ही है शोर मचाने की मंज़िल उसी की होती है जो नजरों में तूफान देखता है! 🌃🌠शुभ रात्रि🌠🌃 😴😴😴😴😴😴 #🌙 गुड नाईट