MD sharfuddin
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“चाँद का मोजिज़ा और हिंद की सरज़मीन पर ईमान की पहली किरण” रात की खामोशी में मक्का की वादियाँ एक अजूबे की गवाह बनीं। मुश्रिकों ने हज़रत मुहम्मद ﷺ से निशानी माँगी, और अल्लाह के हुक्म से वह हुआ जो इंसानी अकल को हैरान कर देने वाला था चाँद दो हिस्सों में बँट गया। एक टुकड़ा पहाड़ की इस तरफ़, दूसरा दूसरी तरफ़। न कोई जादू, न कोई धोखा… यह तो मालिक-ए-कायनात की क़ुदरत का ज़िंदा ऐलान था। उधर, सैंकड़ों मील दूर भारत के मलाबार तट पर चेरामन पेरुमल नाम का एक राज़दार और दूरअंदेश शासक था। उसने भी आसमान में वही नज़ारा देखा चाँद का फट जाना। दिल दहल गया, सोचें जाग उठीं। ये क्या राज़ है? ये किसकी निशानी है? क़िस्मत ने उसे जल्द ही जवाब से मिला दिया। अरब के मुसाफ़िरों ने जब बताया कि यह करिश्मा आख़िरी रसूल ﷺ का मोजिज़ा है, तो राजा के दिल में एक अजीब सी रौशनी उतर आई। वह बोला: “मैंने इस निशानी को अपनी आँखों से देखा है। अब हक़ मेरे सामने बिल्कुल साफ़ है।” सच की प्यास उसे चैन लेने नहीं देती थी। वह अपना ताज-ओ-तख़्त छोड़कर समंदरों का सफ़र तय करता हुआ अरब पहुँचा, नबी-ए-अकरम ﷺ की ख़िदमत में हाज़िर हुआ, और वहीं सच्चे दिल से इस्लाम क़ुबूल कर लिया। रिवायतों के मुताबिक वही भारत का पहला मुस्लिम शासक बना हिदायत से सराबोर, दिल से रौशन। वापसी से पहले उसने अपने लोगों के लिए एक अमानत छोड़ी एक मस्जिद बनाने की वसीयत। और फिर उसी वसीयत की बुनियाद पर चेरामन जुमा मस्जिद केरल की मिट्टी पर खड़ी हुई भारत की पहली मस्जिद (629 ई.), जो आज भी खामोशी से यह कहानी सुनाती है कि इस्लाम का पहला उजाला हिंदुस्तान में यहीं से फैला था। #पैग़ाम: जब दिल हक़ की तलाश करे, तो अल्लाह रास्तों के दरवाज़े ऐसे खोल देता है कि समंदर भी हिदायत के सफ़र में रुकावट नहीं बनते। सच्चाई की चमक, चाहे चाँद में हो या दिल में इंसान को उसके रब तक ज़रूर पहुँचा देती है। Al-Arqam Da'wah Center Dhanbad #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस #नीला आसमान 🌌 #🪴घटस्थापना😊 #🌼 मेरा बगीचा 🌸 #🎄हरे पेड़ @💫farha khan..🌹 @💖💖💖chandni💖💖💖 @Nisha 🌟 @sk__MAJID @☝️अल्लाह 🤲 कि बन्दी S.🌹 अल्हम्दुलिलल्लाह 🤲 😊