Harish Chanchlani
561 views
प्रेम हो या मित्रता, उसे हमेशा निस्वार्थ भाव से निभाना चाहिए। क्योंकि संसार भले ही न देखे,💗🌸💗 ईश्वर हर भाव हर कर्म को देखता है।💗🌸 जहाँ स्वार्थ समाप्त होता है,💗🌸💗 वहीं से सच्चा प्रेम और सच्ची भक्ति आरंभ होती है।🙏 #🎵 राधा-कृष्ण भजन 🙏 शुभ रात्री दोस्तो 🌹 🙏 जय श्री कृष्णा 🙏 🌹राधे राधे 🌹