#हरिद्वार_की_खबरें थाती कठूड़, घनसाली, टिहरी गढ़वाल।
नदी संगम: बाल गंगा और धर्म गंगा (कुछ स्रोतों के अनुसार बाल गंगा और राम गंगा)।
पौराणिक कथा: मान्यता है कि महाभारत के बाद पांडव शिव की खोज में यहां आए थे और उन्होंने यहीं तपस्या की थी।
महत्व: केदारनाथ यात्रा से पहले या उसके बाद इस मंदिर के दर्शन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
शिवलिंग: यहां के शिवलिंग को उत्तर भारत के सबसे विशाल शिवलिंगों में से एक माना जाता है, जिस पर पांडव परिवार के चित्र भी तराशे गए हैं।
कैसे पहुँचें: यह स्थान ऋषिकेश से लगभग 150-160 किमी और नई टिहरी से लगभग 50 किमी की दूरी पर घनसाली के पास स्थित है।