sn vyas
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. #राधे कृष्ण फूलों की होली खेले श्याम, राधा संग बरसे प्रेम रसधाम। वृंदावन महके रंग अपार, श्याम-राधा का दिव्य श्रृंगार॥ केसर, गुलाब, चंपा, बेला, बरसे फूल, सजे रंग मेला। मोर मुकुट पर खिलती मुस्कान, राधा देखे श्याम को हर बार॥ राधा हँसकर फूल उछाले, श्याम जी प्रेम से नैन मिला लें। बंसी बोले मीठी तान, हर मन बोले राधे-श्याम॥ रंग नहीं ये, प्रेम पुकारे, जीवन के सब दुख बिसारे। नाम जपो तो मिटे अज्ञान, राधा-कृष्ण में बसे भगवान॥ जो भी मन से दर्शन पावे, श्याम कृपा से भव तर जावे। भक्त कहे बस इतना काम, जन्म-जन्म राधे-श्याम॥ ...