बिनोद कुमार शर्मा
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*रामायण के रोचक प्रसंग* *मेरे विचार से सबसे अधिक चौंकाने वाली- और आँखें खोलने वाली- बात यह है कि इसके नायक जनजाति (निषाद), वनवासी (भील), वानर, भालू, पक्षी, गिलहरी इत्यादि थे- जो हर तरह के धार्मिक बंधन या कर्मकाण्ड से दूर थे। इन्हें ही भगवान के अवतार राम का स्नेह और सान्निध्य प्राप्त हुआ, राम इनके ऋणी हो गए।* *दूसरी ओर रामायण का खलनायक रावण है- एक ब्राह्मण- ऋषि विश्रवा का सबसे बड़ा पुत्र और ऋषि पुलस्त्य का पौत्र! वेदों का ज्ञानी जिसने कई यज्ञ किए और कई कठिन तप किए। कई तरह से पूजा-अर्चना की- लेकिन फिर भी वो बुराई का प्रतीक था। उसने भगवान के अवतार को रुष्ट किया, और जितना समय उनके साथ बिताया वो दर्द, लड़ाई व कष्ट से भरा था।* *इससे यह स्पष्ट होता है कि मात्र वेद या धार्मिक किताबें पढ़ लेने से, भक्ति या ईमान का बाहरी दिखावा करने से, नित्य पूजा या दान करने से, कोई इंसान सत्य में महान नहीं बनता और ना उसका आध्यात्मिक स्तर ही ऊँचा होता है।* *जो सबसे अधिक मायने रखता है, वो है मनुष्य का दैनिक जीवन में उसका व्यवहार व विचार, दूसरों के प्रति प्रेम और संवेदना, और सबकी स्वार्थरहित सेवा।* *इस दुनिया में, इस दुनिया के लिए, आप परोपकारी और फ़ायदेमंद हो तो वो घंटों की पूजा या दिखावे के दान से अच्छा है।* *भगवान को अपने स्वार्थ के लिए परेशान करने में समय व्यर्थ ना करके सेवा करने में समय लगाओ। सेवा के लिए उठने वाले हाथ इबादत के लिए उठने वाले हाथों से अच्छे हैं। घुटनों के बल बैठ कर भगवान से अपनी मदद के लिए गुहार मत लगाओ- उठो और अपनी मदद स्वयं करो।* *-रामकृपा-* #किस्से-कहानी