Dietician Shahina Memon
512 views
तेजपत्ता की तासीर गर्म होती है। आयुर्वेद के अनुसार, यह एक गर्म तासीर वाली जड़ी-बूटी है जो शरीर में पाचन अग्नि (पाचन तंत्र) को बढ़ाती है और कफ-वात को संतुलित करने में सहायक होती है। इसकी गर्मी के कारण यह सर्दी-जुकाम और पाचन से जुड़ी समस्याओं के लिए फायदेमंद मानी जाती है। तेजपत्ता के बारे में मुख्य बातें: तासीर: गर्म गुण: पाचन अग्नि को बढ़ाना, वात-कफ शांत करना। उपयोग: सर्दियों में या पाचन सुधारने के लिए इसे सब्जी, काढ़ा या चाय में इस्तेमाल किया जाता है। सावधानी: तासीर गर्म होने के कारण, गर्भवती महिलाओं और पित्त प्रकृति वाले लोगों को इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। नोट: चूँकि इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए अधिक सेवन से जलन या गर्मी हो सकती है। #🥶विंटर हेल्थ टिप्स #Healthy Lifestyle #🥘विंटर स्पेशल डिश 😍 #health #🍵विंटर स्पेशल ड्रिंक्स 🥰