Rajesh j
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इसका अर्थ यह है कि किसी व्यक्ति की स्थिति चाहे कुछ भी हो, अति करना या हद से ज्यादा लिप्त होना ("अति") अनिवार्य रूप से हानि या विनाश ("क्षति") की ओर ले जाता है। #ati #लाभ #नुकसान #अच्छा बुरा #सत्य