#वीडियो #अच्छे #विचार #शायरी बहू नहीं, बेटी ❤️ – अनिल मांझी के विचारजब बेटी ससुराल जाती है, तो सास-ससुर उसके माता-पिता बन जाते हैं।
बहू अगर सेवा करे तो उसे बेटी का स्थान मिले,
और सास-ससुर अगर अपनापन दें, तो बहू भी बेटी जैसा सुख पाए।
यही है असली घर का संस्कार 🌸🙏
✍️ अनिल मांझी के विचार