सुर्ख लब ..पंखुड़ियां गुलाब की
ये रुखसार ..रंग इसका गुलाबी
ये मदहोश नज़रे ..छलके शराब इससे
इतने कम फासलों पेइतने मयखाने ?.
धड़कन हुई बेकाबू लब लगे लड़खड़ाने
हुआ मैं "मयकश" तेरी नशीली नज़रों का जाम चखकर ...
सम्हालो मुझे कहीं, लड़खड़ा ना जाऊं मैं ..❣️
#😘खर प्रेम #🌹फक्त तुझ्यासाठी.. #💖रोमॅन्टीक Love #🌹प्रेमरंग #💗प्रेम