#जैन_धर्म_की_सच्चाई जैन धर्म में ओंकार अर्थात र्णोकार
का जाप किया जाता है। जबकि गीता अध्याय 8 श्लोक 13 के अनुसार यह ॐ मंत्र ब्रह्म का है और ब्रह्म ने गीता अध्याय 7 श्लोक 18 में अपनी साधना को अनुत्तम (घटिया) बताया है।
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