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*_!! प्रातःकालीन वंदन !!_*
*_ॐ श्री संतोषी महामाये गजाननभगिनी पूजिता। सद्भक्तं सुखसम्पत्ति देहि देहि नमोस्तुते॥_*
*_ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि। तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥_*
*_हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम्। सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम्॥_*
*_दैत्यमन्त्री गुरुस्तेषां प्राणदश्च महामतिः। प्रभुस्ताराग्रहाणां च पीडां हरतु मे भृगुः॥_*
*_नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते। शंखचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोस्तुते॥_*
*_नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयङ्करि। सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मि नमोस्तुते॥_*
*_ॐ शुक्राय विद्महे भृगुसुताय धीमहि तन्नः शुक्रः प्रचोदयात्॥_*
*_!! ༺꧁ प्रभात पुष्प ꧂༻ !!_*
*_☝🏻मित्रों, "जिस प्रकार मिट्टी का गीलापन पेड़ की जड़ों को तूफान में भी थामे रखता है," उसी प्रकार मनुष्य की संवेदनशीलता और व्यवहार की मधुरता ही "रिश्तों की नींव को मजबूती देती है।" जैसे सूखी बंजर धरती पर पेड़ नहीं पनप सकता, "वैसे ही कठोरता और उपेक्षा के बीच कोई रिश्ता फल-फूल नहीं सकता।" रिश्तों को उर्वर बनाए रखने के लिए केवल जुड़ाव ही नहीं, "बल्कि कोमलता और नम्रता भी उतनी ही आवश्यक है।" रिश्ता जोड़ना एक कला है, "पर उसे निभाना साधना है।" यह साधना हमें अहंकार मिटाकर, समर्पण भाव रखकर और निःस्वार्थ भाव से देना सिखाती है। सच्चे रिश्ते उन खेतों की तरह होते हैं, "जिनकी उपजाऊ शक्ति बरसों बरक्षत बनी रहती है - बशर्ते उनमें लगातार प्यार की सींचाई होती रहे।"👌🏻_*
*_🙏🏻शुक्रवार प्रातःकाल की पवित्र मंगल बेला में, ईश्वर आपको सदैव अक्षय आरोग्य, धन-संपदा और अपरिमित ऊर्जा प्रदान करें। सुरेन्द्र अरोड़ा की ओर से आपके लिए मंगलकामनाएँ। आपके स्वास्थ्य, सफलता और यश-कीर्ति की असीमित दुआओं के साथ सुमंगलम स्नेहिल भोर-वंदन, मित्रों। माँ लक्ष्मी जी और माँ संतोषी जी का स्नेह-सिक्त आशीर्वाद आप सभी मित्रों पर सदैव बरसता रहे। मस्त रहें, व्यस्त रहें, स्वस्थ रहें, सभी पाप-कर्मों से दूर रहें और "प्रकृति के सदैव अहसानमंद और शुक्रगुजार रहें। " 🙏🏻_*
*_!! ┈┉❀꧁ Զเधॆ Զเधॆ ꧂❀┉┈ !!_*
☯️🕉️🌴🌾🌈☀️🌈💐🌴🕉️☯️ #🌞 Good Morning🌞