एक वीज़ा रिजेक्शन ने सब कुछ बदल दिया।
2021 में, सैन फ्रांसिस्को में काम कर रहे इंजीनियर मोहक नाहटा का वीज़ा रिजेक्ट हो गया। प्रोसेस धीमा था, उलझा हुआ था, और हर कदम पर अनिश्चितता थी। परेशानी सिर्फ़ देरी की नहीं थी, बल्कि उस सवाल की थी—अगर मेरे लिए इतना मुश्किल है, तो लाखों लोगों के लिए कैसा होगा?
यहीं से Atlys की शुरुआत हुई।
वीज़ा प्रक्रिया से डर हटाने के मकसद से बना Atlys, पेपरवर्क को साफ़ और आसान बनाता है। आज 2 मिलियन से ज़्यादा यात्री इस पर भरोसा करते हैं—इस बात का सबूत कि एक पर्सनल परेशानी भी बहुतों के लिए रास्ता बना सकती है।
#मोटिवेशन