#🙏शिर्डी साई बाबा #🙏ओम साई *ब्रह्ममुहूर्त की हवा में जब “साई नाम …” की सरगम गूँजती है,*
*रूह की हर प्यास, बाबा के नूर से ही बुझती है*।
*इस पावन घड़ी में करम का दरिया बहता है*,
*जिसे बाबा छू लें, उसका मुकद्दर भी बदलता है*।
*ॐ साँई राम*🙏🙏🙏
*ॐ साँई सुप्रभात*🙏🙏🙏