Tanwar Singh
575 views
4 hours ago
#GodNightTuesday गरीब, पांच पचीसों भून करि, बिरह अगनि तन जार। सो अविनासी ब्रह्म है, खेले अधर अधार।। सरलार्थ:- शरीर की प्रकृतियों को परमात्मा प्राप्ति की तड़फ रूपी अग्नि में जलाकर दृढ़ रहे, वह अमरत्व प्राप्त करता है। वह जीव ब्रह्म (पीव) के गुणों युक्त अमर हो जाता है। ##GodNightTuesday