The Hindu
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2 days ago
#देशी-खबरें राजस्थान के बाड़मेर में स्थित किराडू मंदिर का समूह लगभग 1000 वर्ष पुराना है। जो एक ऐतिहासिक और रहस्यमयी धरोहर के अंतर्गत आता है। माना जाता है कि इन मंदिरों का निर्माण परमार वंश के शासकों द्वारा 11वीं–12वीं शताब्दी में करवाया गया था। यह स्थान न केवल अपनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इससे जुड़ी रहस्यमयी लोककथाओं के कारण भी लोगों को आकर्षित करता है। किराडू मंदिर समूह में कुल 5 प्रमुख मंदिर हैं, जिनमें सबसे भव्य और प्रसिद्ध सोमेश्वर महादेव मंदिर है, जो भगवान शिव को समर्पित है। इसके अलावा यहां भगवान विष्णु को समर्पित मंदिर भी मौजूद हैं। इन मंदिरों का निर्माण सोलंकी (मारू-गुर्जर) स्थापत्य शैली में किया गया है, जो उस काल में राजस्थान और गुजरात क्षेत्र में अत्यंत प्रचलित थी। इन मंदिरों की सबसे बड़ी विशेषता है — 🔹 पत्थरों पर की गई अत्यंत बारीक नक्काशी 🔹 पौराणिक कथाओं को दर्शाती जीवंत मूर्तियां 🔹 देव-देवियों, अप्सराओं और नृत्य मुद्राओं का सजीव चित्रण किराडू की मूर्तियों में दिखाई देने वाली कलात्मक मुद्राएं खजुराहो मंदिरों की याद दिलाती हैं। यही कारण है कि इसे अक्सर “राजस्थान का खजुराहो” भी कहा जाता है। यहां की शिल्पकला दक्षिण भारत के प्राचीन मंदिरों जैसी भव्यता और गहराई का अनुभव कराती है। किराडू मंदिर का रहस्य और श्राप (Kiradu Curse) — किराडू मंदिरों की प्रसिद्धि का एक बड़ा कारण इससे जुड़ी एक रहस्यमयी लोककथा है। कथा के अनुसार, प्राचीन काल में यहां एक सिद्ध संत अपने शिष्यों के साथ ठहरे थे। किसी कारणवश संत कुछ समय के लिए बाहर चले गए और उसी दौरान उनके शिष्य गंभीर बीमारी से ग्रस्त हो गए। गांव वालों ने उनकी मदद करने से इनकार कर दिया, लेकिन एक कुम्हार महिला ने मानवीय करुणा दिखाते हुए शिष्यों की सेवा की। जब संत लौटे और यह सब जाना, तो वे गांव वालों की निष्ठुरता से अत्यंत क्रोधित हो गए। उन्होंने पूरे गांव को श्राप दे दिया कि सूर्यास्त होते ही सभी लोग पत्थर में बदल जाएंगे। संत ने केवल उस कुम्हार महिला को आशीर्वाद दिया और उसे सूर्यास्त से पहले गांव छोड़ने को कहा, साथ ही यह चेतावनी भी दी कि वह पीछे मुड़कर न देखे। लेकिन जिज्ञासावश उसने पीछे देखा और वह भी पत्थर में बदल गई। लोक मान्यताओं के अनुसार, आज भी उस कुम्हारिन महिला की पत्थर की आकृति किराडू के आसपास देखी जाती है। इस घटना के बाद से यह क्षेत्र वीरान हो गया और माना जाता है आज भी कई स्थानीय लोग और पर्यटक सूर्यास्त के बाद किराडू मंदिर क्षेत्र में ठहरने से बचते हैं। #KiraduTemple #HinduTemple #Barmer #Rajsthan #India https://www.instagram.com/p/DToyj8ekzJR/?igsh=bjBvMHQzenFoZzE4