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मनुष्य बहुत कुछ पा लेता है,
फ़िर भी भीतर
एक खाली जगह बनी रहती है
वही खालीपन
किसी गहरे की ओर खींचता है।
जैसे प्यास
पानी के होने का संकेत है,
वैसे ही अतृप्ति और बेचैनी
परमात्मा की ओर इशारा करती है।
ईश्वर के बिना
मनुष्य को पूर्णता का अनुभव नहीं होता_
यही उसकी संरचना है।
इसलिए ईश्वर से जब दूरी बनती है,
तो मन किसी और को केन्द्र बना लेता है_
जैसे राज्य, नेता, व्यक्ति या कोई प्रतीक।
💒 सुप्रभात 💒 #❤️जीवन की सीख