*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक - 16 फरवरी 2026*
*⛅दिन - सोमवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2082*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - शिशिर*
*⛅मास - फाल्गुन*
*⛅पक्ष - कृष्ण*
*⛅तिथि - चतुर्दशी शाम 05:34 तक तत्पश्चात् अमावस्या*
*⛅नक्षत्र - श्रवण रात्रि 08:47 तक तत्पश्चात् धनिष्ठा*
*⛅योग - वरीयान् रात्रि 01:50 फरवरी 17 तक तत्पश्चात् परिघ*
*⛅राहुकाल - सुबह 08:25 से सुबह 09:51 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 06:59*
*⛅सूर्यास्त - 06:23 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:18 से प्रातः 06:08 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:18 से दोपहर 01:04 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:16 फरवरी 17 से रात्रि 01:06 फरवरी 17 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*🌥️व्रत पर्व विवरण - सोमवती अमावस्या (शाम 05:34 से सूर्योदय 17 फरवरी तक), सर्वार्थसिद्धि योग (प्रातः 06:59 से रात्रि 08:47 तक)*
*🌥️विशेष - चतुर्दशी और अमावस्या के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
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*🔹बीमारी क्या खबर देती हैं ?🔹*
*🔹जो भी बिमारी आती है वह खबर देती है कि तुम खान-पान में संयम करो । पेट बाहर है तो हफ्ते में एकाध उपवास करो अथवा १५ दिन में एकादशी का व्रत रखो । कुछ नही खाओ, केवल नीबूं पानी अथवा गुनगुना पानी पियो । लड़्घनं परमौषधम ।.....अर्धरोगहरि निद्रा सर्वरोगहरि क्षुधा । उपवास और आराम बीमारियों को खा जायेगा । व्यक्ति दवाई से इतना जल्दी ठीक नहीं होता जितना उपवास से ठीक होता है ।*
*🔹उपवास में कमजोरी लगे तो १५ से २५ ग्राम किशमिश धो के खा लो, बस हो गया । सारी बीमारी निकल जाती है | द्राक्ष, किशमिश लोग ऐसे ही खा लेते है । इन पर जंतुनाशक दवा डालते हैं, जो कि जहरी, हानिकारक होती है । इन्हें ३-४ बार अच्छी तरह धोकर ही खाना चाहिए । कभी गोमूत्र (या गोमूत्र अर्क) की कुछ बूँदे पानी में डाल के उससे भी धो सकते हैं ।*
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟
*🔹प्राणायाम करो, सूर्यनारायण को अर्ध्य दो और नाभि पर सूर्यनारायण का ध्यान करो । इससे आरोग्य प्राप्त होता है ।*
#🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय