sn vyas
544 views
7 days ago
#🪷सोम प्रदोष व्रत📿 #ॐ नमः शिवाय अस्त्येव वस्तुजाते नास्त्यस्मिन् संशयोsणुमात्रोsपि । यो यत्र स्मरति हरिं स तत्र पश्यत्यवश्यमुम् ॥ [ नृसिंहचम्पु- २/१९ ] अर्थात् 👉🏻 मेरा वह प्रभु समस्त वस्तुओं में है ही , इसमें अणुमात्र भी संशय नहीं है । जो जहाँ भी मेरे प्रभु का स्मरण करता है , वह वहीं उनका दर्शन कर लेता है । 🌄🌄 प्रभातवन्दन 🌄🌄