Himkar prasad singh
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1 days ago
मानवता, उदारता और प्रेम लुप्त होते जा रहे हैं। निंदा, चुगली, ईर्ष्या, अहंकार और लोभ लगातार बढ़ते जा रहे हैं।❤️सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तप‌द्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥ शक्ति एवं पूर्णता की प्रतीक, जगज्जननी जगदम्बा के चतुर्थ स्वरूप माँ कूष्माण्डा के आशीर्वाद से समस्त भक्तों का जीवन सुख, समृद्धि एवं आरोग्यता से आलोकित हो। संपूर्ण सृष्टि का मंगल हो, यही प्रार्थना है। जय माँ कूष्माण्डा! #माँ कूष्माण्डा भवानी माता रानी