#गला_भी_कटाया_मोक्ष_नहींपाया#कबीर_परमेश्वर_निर्वाण_दिवस#SantRampalJiMaharaj🙏🙏
काशी करौंत काहे लेही, बिना भजन नहीं ढंग रे।
कोटी ग्रंथ का योही अर्थ है, करो साध सत्संग रे।। सत्य साधना से जीव का मोक्ष होता है। करोंत लेने से कोई लाभ नहीं होगा। सभी सद्ग्रंथों का यही सार है कि सतगुरु का सत्संग सुनो। अर्थात् परमात्मा ही सतगुरु रुप में आकर सत्सँग किया करते हैं।