prabhakar singh
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#ईश्वर आस्था #🙏कर्म क्या है❓ कबीरसाहेब_जीकहते_हैकि_ये_जग_सपना_है !🍂गरीब, काशी करोंत लेत हैं, आन कटावें शीश। बन-बन भटका खात हैं, पावत ना जगदीश ।शास्त्रविरूद्धसाधकनकली-स्वार्थी गुरूओं द्वारा भ्रमित होकर कोई जंगल में जाता है। कोई काशी शहर में करौंत से सिर कटवाने में मुक्ति मानता है।इस प्रकार की व्यर्थ साधना जो शास्त्रोक्त नहीं है, करने से कोई लाभ नहीं होता।