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10 hours ago
Shabdanshi ✍️ on Instagram: "#new #newpost #newcollection #newpoetry #poem #poetryislife #poetrylovers #poemoftheday #saraswati #basantpanchami #maasaraswatidevi🌹 . . . . . . 🦋... SuNo ┤_★__ {{ बसंत की दस्तक }} हवा में एक सुहानी सी अब महक               घुलने लगी है, सुनो, फिर से बसंत की एक नई         गिरह खुलने लगी है, खेतों में सरसों ने ओढ़ी है सुनहरी               सी वो चादर, जैसे कुदरत खुद आई हो, ज़मीं          पर पीला रंग लेकर, पतझड़  की   उदासी   को  अब            दरकिनार करते हैं, चलो मिलकर हम ऋतुराज का             सत्कार करते हैं, कलियों  ने  भी  धीमे से अपनी             आँखें खोली हैं, कोयल की कूक में जैसे मिश्री सी              अब घोली है, पर सिर्फ ये रंगों का और फूलों का               त्यौहार नहीं, बिना ज्ञान के जीवन में आता कोई                निखार नहीं, माँ सरस्वती के चरणों में हम शीश                  झुकाते हैं, विवेक और बुद्धि का हम पावन              दीप जलाते हैं, मिले हमें वो कलम जो बस सच           की इबादत लिक्खे, मन के कोरे काग़ज़ पर मानवता          की इबारत लिक्खे, अंधेरे अज्ञान के सब दर-ओ-दीवार                  गिर जाएँ, विद्या के इस उजाले से सब दिल             खिलखिला जाएँ, यही दुआ है कि बसंत हर घर में              खुशहाली लाए, ज्ञान की इस पावन बज़्म में, हर              कोई मुस्कुराए, आप सभी को, प्रकृति की सुंदरता और  दिव्यता को  समर्पित  पावन पर्व  बसंत  पंचमी की  अनेकानेक              शुभकामनाएं.🙏! ज्ञान  और  कला  की “ देवी”  मां सरस्वती का आशीर्वाद हर किसी                को प्राप्त हो, उनकी कृपा  से  सबका  जीवन विद्या  विवेक और  बुद्धि  से सदैव आलोकित रहे, यही कामना है..🙌 ╨──────────━❥ ♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦ ╨──────────━❥"
6 likes, 6 comments - justwrite_1601 on January 22, 2026: "#new #newpost #newcollection #newpoetry #poem #poetryislife #poetrylovers #poemoftheday #saraswati #basantpanchami #maasaraswatidevi🌹 . . . . . . 🦋... SuNo ┤_★__ {{ बसंत की दस्तक }} हवा में एक सुहानी सी अब महक               घुलने लगी है, सुनो, फिर से बसंत की एक नई         गिरह खुलने लगी है, खेतों में सरसों ने ओढ़ी है सुनहरी               सी वो चादर, जैसे कुदरत खुद आई हो, ज़मीं          पर पीला रंग लेकर, पतझड़  की   उदासी   को  अब            दरकिनार करते हैं, चलो मिलकर हम ऋतुराज का             सत्कार करते हैं, कलियों  ने  भी  धीमे से अपनी             आँखें खोली हैं, कोयल की कूक में जैसे मिश्री सी              अब घोली है, पर सिर्फ ये रंगों का और फूलों का             
https://www.instagram.com/p/DT160Q9knoG/?igsh=dHJzdGJwZzN5eHZ6 #🪔बसंत पंचमी की शुभकामनाएं🙏🌸