महावीर जयंती :
जो परपीड़ा को अपनाकर, नयन का नीर बनते हैं ।
हैं कुछ ही जो कि द्रोपदि के, बदन का चीर बनते हैं ॥
जहाँ को जीतकर के तुम, सिकन्दर बन तो जाओगे,
जो ख़ुद को जीत लेते हैं, वही ‘महावीर’ बनते हैं ॥
- मनवीर मधुर
आप सभी को तीर्थंकर महावीर जी के जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ 💐💐💐💐
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