kavya
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1 months ago
परिवार की बेबसी: 13 साल का दर्द और अब 'इच्छामृत्यु' की मंजूरी। 868 किस्मत का खेल देखिए, जिस बेटे को इंजीनियर बनाने का सपना देखा था, वो 13 साल से बिस्तर पर बेजान पड़ा है। अगस्त 2013 में रक्षाबंधन के दिन एक हादसे ने हरीश राणा की ज़िंदगी बदल दी। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का वो होनहार छात्र चौथी मंज़िल से गिरा और फिर कभी नहीं उठा। 2,410 आज सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक और बेहद भावुक फैसला सुनाते हुए 32 वर्षीय हरीश के लिए 'पैसिव यूथेनेशिया' (इच्छामृत्यु) ाई की मंजूरी दे दी है। यह फैसला उन माता-पिता की अपील पर आया है, जिनके लिए अपने जिगर के टुकड़े को रोज़ तिल-तिल मरते देखना अपनी मौत से भी ज़्यादा कठिन था। 868 2,410 ब्रह्माकुमारीज़ परिवार से जुड़ी लवली बहन ने आज हरीश भाई को एम्स (AIIMS) के लिए विदाई दी। किसी से प्यार करने का मतलब सबसे बुरे समय में भी हाथ थामे रखना है, और इन माता-पिता ने वो कर दिखाया। हमारी संवेदनाएं इस परिवार के साथ हैं। ईश्वर हरीश की आत्मा को शांति और परिवार को संबल दे। #🥰Express Emotion #❤️सैड व्हाट्सएप स्टेटस