भक्ति में दीप जले विश्वास के,
हर दिशा में गूँज उठे जयकार पवनसुत के।
दर्द की हर रात यहाँ अरमानों से सजे,
अश्रु भी आरती बन चरणों में ही सजे।
जो भी आया टूट कर, मुस्काता लौट गया,
नाम तुम्हारा लेकर हर संकट छोड़ गया।
दीन का तुम मान रखो,
जय-जय वीर हनुमान, जय अंजनी के लाल महान॥
को नहीं जानत है जग मे कपि संकट मोचन नाम तिहारो।
जय श्री रामभक्त महावीर हनुमान,
तुम बिन मेरा और न कोई दूजा🙏
पवन पुत्र हनुमान की जय।
संकट मोचन हनुमान जी की जय।
जय श्री राम 🙏🚩
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️