Bhole das Kushwaha
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1 days ago
#ईश्वर आस्था #गला_भी_कटाया_मोक्ष_नहींपाया God Kabir Nirvan Diwasगरीब, काशी करोंत लेत हैं, आन कटावें शीश। बन-बन भटका खात हैं, पावत ना जगदीश ।। शास्त्र विरूद्ध साधक नकली-स्वार्थी गुरूओं द्वारा भ्रमित होकर कोई जंगल में जाता है। कोई काशी शहर में करौंत से सिर कटवाने में मुक्ति मानता है। इस प्रकार की व्यर्थ साधना जो शास्त्रोक्त नहीं है, करने से कोई लाभ नहीं होता।