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*मल्टी-एसेट FOF, पेसिव मल्टी-एसेट और ओमनी: सरल भाषा में पूरा गाइड*
*परिचय* —
मल्टी-एसेट स्कीमें अलग-अलग एसेट (इक्विटी, डेट, गोल्ड आदि) में पैसा बांटकर रिस्क कम करती हैं — फर्क बस यह है कि कौन, कैसे और कितनी फ्रीडम के साथ यह बंटवारा करता है।
*1) मल्टी-एसेट FOF (Fund of Funds)*
*क्या है:* यह ऐसा फंड है जो सीधे शेयर/बॉन्ड में नहीं, बल्कि दूसरे म्युचुअल फंड्स में निवेश करता है — यानी “फंड का फंड”।
*कैसे काम करता है:* फंड मैनेजर अलग-अलग एक्टिव/पेसिव फंड्स चुनता है (इक्विटी फंड, डेट फंड, गोल्ड ETF आदि) और उनमें एलोकेशन देता है।
*फायदे:* आसान डायवर्सिफिकेशन, प्रोफेशनल सेलेक्शन, अलग-अलग मैनेजर का फायदा।
*नुकसान:* खर्च (expense ratio) थोड़ा ज्यादा हो सकता है क्योंकि दूसरे फंड्स की लागत भी जुड़ सकती है।
*आगे पढ़ें:*
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