gitam singh
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19 hours ago
बेटा जा रहा है... पर इज्जत से जा रहा है।" माँ ने हाथ जोड़े "मुझसे मत पूछो कैसा लगता है जब कोख का टुकड़ा हमेशा के लिए दूर जा रहा हो। "बाप ने 13 साल घर बेचा, सैंडविच बेचे, बस एक आस थी कि बेटा आंख खोले। वो आस आज मिट्टी में मिली। शनिवार हरीश एम्स जाएगा, वापस नहीं आएगा। पिता बोले- "घूरकर मत देखो, वो इंसान है, तस्वीर नहीं। "आखिरी रात माँ वही लोरी गुनगुना रही है, जो 13 साल पहले सुलाती थी। बाप ने आंसू रोक लिए - बेटे के जाते ही देखिएगा कितने दरिया बहते हैं। #moj_content