बिनोद कुमार शर्मा
541 views
*रामायण-महाभारत में सूर्य पूजा* *सूर्य देव की पूजा के स्पष्ट प्रावधान भी रामायण और महाभारत में भी मिलते हैं। रामायण में जहां श्रीराम का कुल ही सूर्यवंश है तो वहीं महाभारत में सूर्य खुद एक किरदार निभाते नजर आते हैं. कर्ण हर रोज गंगा स्नान के बाद सूर्यदेव को जल चढ़ाता था. वह कमर तक पानी में खड़े रहकर उनकी उपासना के मंत्र पढ़ता था. कुंती, द्रौपदी, पितामह भीष्म, यहां तक खुद कृष्ण भी सूर्यपूजा करते दिखते हैं।* *कृष्ण के पुत्र साम्ब से जुड़ी सूर्य की कहानी* *सूर्यपूजा और उनकी लंबी तपस्या की एक कहानी तो कृष्ण पुत्र साम्ब से जुड़ी है. श्रीकृष्ण और जाम्बवंती का बेटा सांब दिखने में बिल्कुल कृष्ण के ही जैसा था. अपनी इसी छवि का फायदा उठाते हुए वह कई लड़कियों को अपने झूठे प्रेम जाल में फंसा लेता था. एक दिन कृष्ण को जब यह पता चला तो उन्होंने सांब को समझाने की कोशिश की. साम्ब नहीं माना तो गुस्साए कृष्ण ने उसे कोढ़ी होने का श्राप दे दिया।* *बिहार में है सांब का बनाया सूर्य मंदिर* *श्राप मिलने के बाद सांब ने माफी मांगी तब कृष्ण ने उसे सूर्य की तपस्या की राह दिखाई. उन्होंने कहा कि सूर्य ही जगत का आधार हैं और सभी प्राणियों की चेतना भी वही हैं. रोग और व्याधि की औषधि भी वही हैं. इसलिए सूर्यदेव को प्रसन्न करो. साम्ब ने पूरे भारत में भ्रमण करते हुए सूर्यदेव की तपस्या की और उनके मंदिर भी बनवाए। बिहार के उलार (ओलार्क) में भी सांब का स्थापित एक सूर्य मंदिर आज भी है।* *देश के कई प्रदेशों में है सूर्य मंदिर* *गुजरात के मोढेरा में भी प्रसिद्ध सूर्य मंदिर है, जो प्राचीनता की गवाही देता है. कश्मीर का मार्तंड सूर्य मंदिर काफी चर्चित रहा है, जो कि अब एक ध्वस्त संरचना है. इसके अलावा देश के कई इलाकों में सूर्य मंदिर हैं, जिनमें कोणार्क सूर्य मंदिर, कटारमल सूर्य मन्दिर, रनकपुर सूर्य मंदिर, सूर्य पहर मंदिर, सूर्य मंदिर प्रतापगढ़, दक्षिणार्क सूर्य मंदिर, देव सूर्य मंदिर, औंगारी सूर्य मंदिर, ओलार्क सूर्य मंदिर, सूर्य मंदिर हंडिया, सूर्य मंदिर, गया, सूर्य मंदिर, महोबा, रहली का सूर्य मंदिर, सूर्य मंदिर झालावाड़, सूर्य मंदिर रांची।* *योग शास्त्र में सूर्यदेव* *योग शास्त्र में भी सूर्यदेव प्रमुख स्थान रखते हैं. उनके नाम पर सबसे प्राचीन योग पद्धति सूर्य नमस्कार है जो मंत्र आधारित है. सूर्य के 13 पर्याय नामों से बने ये 13 मंत्र अपनी 13 क्रियाएं के साथ, पेट-पीठ, पैर, घुटने, जांघ, एड़ी, भुजाएं, गर्दन, सिर और सीना के साथ सभी जोड़ के लिए लाभदायक हैं‌।* *ॐ मित्राय नम:* *ॐ रवये नम:* *ॐ सूर्याय नम:* *ॐ भानवे नम:* *ॐ खगाय नम:* *ॐ पूष्णे नम:* *ॐ हिरण्यगर्भाय नम:* *ॐ मरीचये नम:* *ॐ आदित्याय नम:* *ॐ सवित्रे नम:* *ॐ अर्काय नम:* *ॐ भास्कराय नम:* *ॐ श्री सवित्रे सूर्यनारायणाय नमः* *कुल मिलाकर ये है कि सूर्य वाकई ही इस संसार की आत्मा है. भारतीय जनमानस के लिए वह सिर्फ विटामिन डी का सोर्स नहीं है, बल्कि सकारात्मकता का पर्याय है. त्याग की भावना का उदाहरण है. खुद जलकर समस्त संसार को प्रकाशित करने का संकल्प है. अप्प दीपो भवः की प्रेरणा है. इसीलिए सूर्य वैदिक युग से लेकर आज तक प्रतिष्ठित है और भारतीय जनमानस को प्रेरित करता है कि हम थोड़ा ही सही, लेकिन सूर्य जैसा बनें।* *-रामकृपा-* #किस्से-कहानी