Abhilas Chauhan
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1 days ago
सूर्य का महत्व कुंडली में 🌸 सूर्य कुंडली में आत्मा, पिता, सरकार, सत्ता, अधिकार, ऊर्जा और स्वास्थ्य का कारक ग्रह माना जाता है। यह व्यक्ति की आत्मशक्ति, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बताता है। सूर्य किन भावों में शुभ फल देता है: 1. *3रा भाव*: साहस, पराक्रम, भाइयों से सहायता, प्रतिस्पर्धा में जीत। 2. *6ठा भाव*: शत्रु पर विजय, मुकदमे में जीत, ऋण से मुक्ति, मजबूत स्वास्थ्य। 3. *10वाँ भाव*: करियर, नौकरी / व्यवसाय में सफलता, राजकीय मान-सम्यान। 4. *11वाँ भाव*: लाभ, आय, मित्रों का सहयोग, प्रतिष्ठा। सूर्य किन भावों में अशुभ फल देता है: 1. *4था भाव*: माता के स्वास्थ्य में कमी, वाहन-भूमि सुख में कमी। 2. *7वाँ भाव*: दाम्पत्य जीवन में तनाव, जीवनसाथी के स्वास्थ्य में परेशानी। 3. *8वाँ भाव*: आयु पर असर, दुर्घटना या सरकारी अड़चनें। 4. *12वाँ भाव*: खर्च, विदेश में कष्ट, नेत्र रोग, मानसिक तनाव। सूर्य किन राशियों में शुभ होता है: - *सिंह (स्वराशि)*: सबसे बलवान। - *मेष (उच्च राशि)*: आत्मविश्वास, सफलता, नेतृत्व। - *धनु, मीन*: धार्मिकता, भाग्य और उच्च पद। - *मकर, कुंभ*: कर्म में स्थिरता और परिश्रम से राजकीय लाभ। #✡️सितारों की चाल🌠 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟