३५ प्रतिक्रिया | SDM साहब आपकी बात में दम है। ज्यादातर लोग रिटायर होकर समाज सुधारक बनते हैं व सामाजिक संगठन चलाते हैं फिर उनको समाज याद आता है वहीं समाज जो रिटायरमेंट तक याद नहीं आता बाद में वो समाज सुधारक बन जाते हैं। मै आपकी बात से पुरी तरह सहमत हूं। | Jaspal Majra
SDM साहब आपकी बात में दम है। ज्यादातर लोग रिटायर होकर समाज सुधारक बनते हैं व सामाजिक संगठन चलाते हैं फिर उनको समाज याद आता है वहीं समाज जो रिटायरमेंट तक...