AMIT DAAS
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#हरि_आये_हरियाणे_नूं 2Days Left For Bodh Diwas संत गरीबदास जी को परमेश्वर कबीर साहिब जी जिंदा बाबा के रूप में सतलोक से आकर विक्रमी संवत् 1784, सन् 1727 में फाल्गुन मास की सुदी द्वादशी को मिले थे। इसीलिए संत गरीबदास जी ने कहा है: सर्व कला सतगुरु साहेब की, हरि आए हरियाणे नूँ। #तत्त्व दर्शी संत रामपाल जी महाराज #santRampaljiMaharaj)