विजय नगरकर Vijay Nagarkar
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1 days ago
"सिलेंडर" एक आदमी राजनीति की आग लगता है एक आदमी अपना चूल्हा जलाता है एक तीसरा आदमी भी है जो न आग लगाता है, न चूल्हा जलाता है वह सिर्फ़ चूल्हे से खेलता है मैं पूछता हूँ— ‘यह तीसरा आदमी कौन है?’ मेरे देश की संसद मौन है। (स्व धूमिल से क्षमा मांगते हुए) © विजय नगरकर #गैस #युद्ध #राजनीति #सिलेंडर #📚कविता-कहानी संग्रह #🌸 सत्य वचन #✍️ साहित्य एवं शायरी #ईरान