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3 months ago
#तत्वज्ञान संदेश #अपने_वास्तविक_मददगार_को_पहचानें... कबीर साहेब कहते हैं कि मैं रोवंत हुं सृष्टि को,ये सृष्टि रोवै मोहि * गरीबदास इस वियोग को,समझ सकै नहीं कोई ** गरीब,कल्पै कारण कौन हैं,कर सेवा निष्काम * मन इच्छा फल दुंगा,जै पड़े मेरे से काम ** देव दूर्लभ अपने अनमोल मानव जीवन को सुखमय बनाने के मूल मंत्र को जानने के लिए अवश्य पढ़ें पुस्तक #ज्ञानगंगा इस पुस्तक को निःशुल्क प्राप्त करने के लिए अपना पुरा नाम,पुरा पता,मोबाइल नम्बर आदि की जानकारी हमें इस मोबाइल नम्बर पर अभी वाट्सएप करें 9992600893