sandeep
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1 days ago
##राम_रंग_होरी_हो अडिग विश्वास और अटूट भक्ति की जीत" राजा हिरण्यकश्यप के अहंकार और भयंकर यातनाओं के सामने नन्हा प्रह्लाद अपनी भक्ति पर अडिग रहा। यह कथा सिद्ध करती है कि जब भक्ति सच्ची हो, तो परमात्मा स्वयं रक्षक बनकर आते हैं। अंततः अहंकार का विनाश होता है और सत्य की ही विजय होती है।