prabhakar singh
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10 days ago
#ईश्वर आस्था #🙏कर्म क्या है❓ #परमात्मा_से_उम्मीद_रखो_और_न_किसी_से! 🥭🍒गीता अध्याय नं. 15 श्लोक नं. 1 व 4 में तत्वदर्शी सन्त की पहचान बताई गई है तथा कहा है कि तत्वदर्शी सन्त से तत्वज्ञान जानकर उसके पश्चात् उस परमपद परमेश्वर की खोज करनी चाहिए। जहां जाने के पश्चात् साधक लौट कर संसार में नहीं आते अर्थात् पूर्ण मुक्त हो जाते हैं। उसी पूर्ण परमात्मा से संसार की रचना हुई है। संत रामपाल जी महाराज ही वह तत्वदर्शी संत हैं।