#जय श्री कृष्ण
॰ भगवदीय किसे कहते है …!!! ॰
1) जो श्री ठाकुर जी की सेवा के लिये ही देह को धारण किये हुये है वे है भगवदीय...
2) जो श्री ठाकुर जी के सुख में ही अपना सुख माने वे है भगवदीय...
3) जो अनन्य भाव से केवल श्री ठाकुर जी का ही भजन-चिंतन करे वे है भगवदीय...
4) जो जन श्री ठाकुर जी को अति अति प्रिय है वे है भगवदीय...
5) जिनको श्री ठाकुर जी की सेवा के लिये देहादि और लौकिक मर्यादा का विस्मरण हो गया है वे है भगवदीय...
6) जिनको मानसी सिद्ध हो गयी है वे है भगवदीय...
7) जिनको अपने सेव्य स्वरुप से एक क्षण का भी वियोग सहन न हो वे है भगवदीय...
8) जिनके ह्रदय में साक्षात् श्री महाप्रभु जी बिराजमान हो वे है भगवदीय...
9) जो श्री ठाकुर जी और श्री वल्लभ के सिवा अन्य किसी को नहीं जानते है वे है भगवदीय...
10) श्री ठाकुर जी ने, श्री महाप्रभु जी ने, श्री गुसाई जी ने बार बार जिनके गुणगान किये है वे है भगवदीय...
11) " दमला, ये मारग तेरे लिये प्रकट कियो है..."
ऐसे श्री दमला जी, श्री मेघन जी, श्री पद्मनाभदास जी जैसे अति अति कृपापात्र जन है भगवदीय...
12) श्री महाप्रभु जी जिनके लिये "भक्त परायण, भक्तमात्रासक्त " स्वरुप धारण कर मनोरथ पूर्ण करते है वे है भगवदीय...
13) श्री यमुना जी में जिसकी अति आसक्ति है वे है भगवदीय...
14) जिनके लिये श्री गुसाई जी भक्ति हंस ग्रन्थ में आज्ञा करते है की "अस्पृष्टो रमते निज भक्तेषु" वे है भगवदीय...
15) जिनके चक्षु दिव्य (कृष्णमय)है , जिनके रोम रोम में भगवद् रस व्याप्त है वे है भगवदीय...
16) जिनको संसार के भोग आकर्षित नहीं कर पाते, जो दैन्य भाव की साक्षात् मूर्ति है वे है भगवदीय...
17) जो श्री ठाकुर जी की अंतरंग श्रुष्टि के है वे है भगवदीय..