#📚कविता-कहानी संग्रह #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #👍 डर के आगे जीत👌 #🌐 राष्ट्रीय अपडेट आज की विभीषिका
हर जंग से उभरकर कर निकलेंगे ,
हर रंग से निखर कर निकलेंगे ।
चाहे कितनी भी हो त्रासदी ,
चाहे कितनी भी हो आपदा,
हर मुश्किल से बाहर निकलेंगे ,
हर हालत से उभरकर कर निकलेंगे ।
माना थोडी अफरा-तफरी है,
चारो ओर गहमा-गहमी है
धीरज से हर हल निकालेंगे ,
स॔यम से हर काम निकालेंगे।
हर दौर से हमने सीखा है,
हर हाल मे जीना सीखा है,
महामारी से भी निकले है,
वैश्विकता से भी निकलेंगे ।
हर जंग से उभरकर कर निकलेंगे ,
हर रंग से निखर कर निकलेंगे ।
पूजा जोशी