#सत भक्ति संदेश 🙏
सात समुद्र की मसि करूँ, लेखनी करूँ बनराय! धरती का कागज करूँ,गुरू गुण लिखा ना जाये!
यदि सारी धरती को कागज मान लिया जाए, सारे जंगल-वनों की लकड़ी की कलम बना ली जाए तथा सातों समुन्द्रो की स्याही हो तो भी गुरु के गुण नहीं लिखे जा सकते। गुरु की महिमा अनंत है, गुरु का ज्ञान असीम और अनमोल है।